Welcome to News Dastak 24   Click to listen highlighted text! Welcome to News Dastak 24
E-Paperhttps://newsdastak24.in/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifकोरबाक्राइमछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़

पोड़ी उपरोड़ा : बनखेता में रेलवे प्रभावित किसानों का बड़ा आंदोलन!

हेल्पलाइन से जनदर्शन तक लगाई गुहार, अब प्रभावित जमीन की घेराबंदी कर खोला मोर्चा—तीन दिन से जारी विरोध

न्यूज दस्तक 24 की खास रिपोर्ट 

पोड़ी उपरोड़ा। रेलवे परियोजना से प्रभावित जमीन के मुआवजे को लेकर बनखेता गांव के किसानों का आक्रोश अब सड़क से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक साफ दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि अपनी जमीन के मुआवजे के लिए वे लंबे समय से अलग-अलग स्तरों पर आवेदन और शिकायतें करते आ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के बाद अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।

किसानों के मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, कलेक्टर जनदर्शन तथा एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखी और रुके हुए मुआवजे का भुगतान कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि लगातार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद जब उनकी समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ, तो आखिरकार उन्हें अपनी प्रभावित जमीन की घेराबंदी कर आंदोलन शुरू करने का कदम उठाना पड़ा।

तीन दिन से जमीन की घेराबंदी, प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार

किसानों द्वारा शुरू किए गए इस विरोध प्रदर्शन को आज लगभग तीन दिन पूरे होने को हैं। प्रभावित किसान अपनी जमीन की घेराबंदी कर मुआवजे की मांग पर डटे हुए हैं। किसानों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी लंबित समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

इस घटनाक्रम के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसानों की मांग पर गंभीरता से पहल करते हुए रुका हुआ मुआवजा दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई करेगा?

आवेदन पर आवेदन, फिर भी नहीं निकला समाधान

किसानों का आरोप है कि उन्होंने अपनी समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से लेकर कलेक्टर जनदर्शन और एसडीएम कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाई गई, लेकिन किसानों को अभी तक मुआवजे को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं मिल पाया है।

इसी वजह से किसानों में नाराजगी बढ़ती गई और अब मामला आंदोलन तक पहुंच गया है। किसानों द्वारा जमीन की घेराबंदी किया जाना प्रशासन के लिए भी एक गंभीर संकेत माना जा रहा है।

रेलवे प्रभावित जमीन और मुआवजे का मामला बना चर्चा का विषय

बनखेता में रेलवे परियोजना से प्रभावित जमीन के मुआवजे को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन परियोजना से प्रभावित हुई है, ऐसे में उन्हें नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया स्पष्ट और समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए।

अब किसानों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। वहीं क्षेत्रवासियों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसानों को बार-बार आवेदन और शिकायतों के बाद भी आंदोलन की स्थिति तक क्यों पहुंचना पड़ा?

अब प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें

तीन दिन से जारी इस विरोध के बाद अब प्रशासन के सामने किसानों की समस्या के समाधान की चुनौती है। किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और प्रशासन की ओर से होने वाली पहल का इंतजार कर रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालता है, लंबित मुआवजे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है या यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है।

बनखेता में किसानों की जमीन की घेराबंदी के साथ शुरू हुआ यह आंदोलन अब प्रशासनिक कार्रवाई की परीक्षा बन गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!