खरसिया : आंगन मिलन समारोह में गूंजा पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और जनजागरूकता का संदेश
सरस्वती वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ, मुनगा पौधरोपण के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका एवं मितानिनों का हुआ सम्मान

न्यूज दस्तक 24 की खास रिपोर्ट
खरसिया/रायगढ़। सेक्टर बरगढ़, परियोजना खरसिया, जिला रायगढ़ में दिनांक 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित आंगन मिलन समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं जनजागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मितानिनों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके पश्चात “अरपा पैरी के धार” की प्रस्तुति के साथ समारोह का वातावरण उत्साह और गरिमामय माहौल से भर गया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का पुष्पगुच्छ से आत्मीय स्वागत किया गया।
जनप्रतिनिधियों की रही प्रमुख उपस्थिति

आंगन मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती शिवकुमारी सिदार, उपसरपंच श्री रामप्रसाद सिदार, जनपद सदस्य श्रीमती बलेश्वरी राठिया, पूर्व सरपंच श्रीमती सवरीन बाई, पंच हेमपुण्या सहित शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कुपोषण के खिलाफ जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती सरस्वती टंडन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों में कुपोषण की स्थिति को गंभीरता से लेने तथा जरूरत पड़ने पर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीणों को जागरूक करना भी विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की दी गई जानकारी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती टिकेश्वरी गबेल द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए संचालित योजना के उद्देश्य और पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले लाभों के संबंध में ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया।
वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती नलिनी श्रीवास ने सुकन्या समृद्धि योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने की दिशा में योजना के महत्व को बताया।
गोद भराई एवं अन्नप्राशन संस्कार ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता सिद्धार्थ, परसापाली मांझीपारा द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम कराया गया। उपस्थित अतिथियों ने इन पारंपरिक एवं महत्वपूर्ण संस्कारों में सहभागिता निभाते हुए माताओं एवं बच्चों को शुभकामनाएं दीं।
गोद भराई एवं अन्नप्राशन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तथा छोटे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल को लेकर भी जागरूकता का संदेश दिया गया।
सेवा संकल्प और घर-घर पहुंचने वाले संदेश पर जोर
समारोह के दौरान उपस्थित सदस्यों एवं ग्रामीणों को घर-घर जाकर जनजागरूकता एवं सेवा कार्यों से जुड़ने का संदेश दिया गया। सेवा संकल्प के उद्देश्य और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण महिलाओं ने भी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाली सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और विभागीय गतिविधियों में सहभागिता का संकल्प लिया।
मुनगा पौधरोपण से दिया पोषण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आंगन मिलन समारोह के दौरान मुनगा पौधरोपण भी किया गया। मुनगा पौधे को पोषण की दृष्टि से उपयोगी बताते हुए इसके संरक्षण एवं उपयोग को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। पौधरोपण के माध्यम से कार्यक्रम में पोषण के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मितानिनों का सम्मान
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों का सम्मान रहा। ग्रामीण स्तर पर महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में उनके योगदान को सराहते हुए अतिथियों द्वारा उनका सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की कार्यकर्ता सुनीता सिदार, शांति बाई साहू, कृष्णा बाई, हेमलता साहू तथा सहायिका खीखबाई कुंवर, पुनिता यादव, यमन राठिया सहित तिऊर से टिकेश्वरी गबेल, ढिमानी से नलिनी श्रीवास, सेक्टर सुपरवाइजर, सरपंच, उपसरपंच, पंच, जनपद सदस्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
ग्रामीण सहभागिता ने कार्यक्रम को बनाया सफल
आंगन मिलन समारोह में ग्रामीण महिलाओं एवं नागरिकों की उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष ऊर्जा मिली। विभागीय योजनाओं की जानकारी, गोद भराई-अन्नप्राशन, मुनगा पौधरोपण, जनजागरूकता और सम्मान समारोह जैसे विविध कार्यक्रमों ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं, अतिथियों एवं सदस्यों को स्वल्पाहार वितरित किया गया। पूरे आयोजन का उद्देश्य केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रहकर पोषण, महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और शासन की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का संदेश देना रहा।
आंगन मिलन समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब जनप्रतिनिधि, विभागीय अमला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन, शिक्षक और ग्रामीण एकजुट होकर काम करते हैं, तो गांव के बच्चों, महिलाओं और परिवारों तक योजनाओं का लाभ और जागरूकता प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती है।




