दुल्हीकछार में कथित अवैध महुआ शराब बिक्री से ग्रामीणों में आक्रोश, SP से कार्रवाई की मांग
महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, खुलेआम शराब बिक्री से गांव का माहौल बिगड़ने का आरोप

न्यूज दस्तक 24 की खास रिपोर्ट
चाकाबुड़ा/जवाली। ग्राम जवाली के आश्रित ग्राम दुल्हीकछार में कथित रूप से अवैध कच्ची महुआ शराब की बिक्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री पर तत्काल रोक लगाने तथा संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कथित रूप से खुलेआम महुआ शराब की बिक्री होने के कारण वहां लोगों की भीड़ जमा रहती है। इससे गांव के सामान्य एवं शांतिपूर्ण वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ-साथ महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
शिकायत में ग्रामीणों ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई है। उनका कहना है कि शराब की बिक्री के कारण गांव में असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की आशंका का भी उल्लेख करते हुए प्रशासन से समय रहते प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कथित अवैध शराब बिक्री पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका आरोप है कि शराब की बिक्री से न केवल सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है, बल्कि गांव में रहने वाले परिवारों के बीच भी चिंता का माहौल बन रहा है।
19 सितंबर की रात समझाइश के बावजूद बिक्री जारी रखने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, 19 सितंबर की रात स्थानीय स्तर पर संबंधित लोगों को शराब की बिक्री बंद करने की समझाइश दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि समझाइश के बावजूद कथित रूप से शराब बिक्री बंद नहीं की गई।
शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा शिकायत किए जाने की चुनौती देते हुए कथित तौर पर यह कहा गया कि “उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस और आबकारी विभाग से संयुक्त जांच की मांग
ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अवैध महुआ शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। साथ ही पुलिस एवं आबकारी विभाग से संयुक्त रूप से जांच कर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में कथित अवैध शराब बिक्री के मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई होने से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है और जांच में कथित अवैध शराब बिक्री के आरोप कितने सही पाए जाते हैं।




