Welcome to News Dastak 24   Click to listen highlighted text! Welcome to News Dastak 24
https://newsdastak24.in/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifकोरबाक्राइमछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़

BIG BREAKING NEWS | कोरबा NH-130 बना मवेशियों के लिए “मौत का रास्ता”!

तानाखार में एक ही जगह 8–10 मवेशियों के शव मिलने से हड़कंप, सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

कटघोरा/तानाखार। कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130 पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी अब महज परेशानी नहीं, बल्कि जानलेवा खतरे का रूप लेती दिखाई दे रही है। सोमवार को तानाखार के समीप एक ही स्थान पर करीब 8 से 10 मवेशी मृत अवस्था में दिखाई दिए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। एक साथ इतनी संख्या में मवेशियों के शव मिलने की तस्वीर ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर पशु सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सड़क पर मवेशी, हर पल हादसे का खतरा

NH-130 पर शाम और रात के समय बड़ी संख्या में मवेशियों के सड़क पर बैठने और विचरण करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक मवेशियों के सामने आ जाने से वाहन चालकों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। मवेशियों को बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होने पर बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

वहीं दूसरी ओर सड़क पर वाहनों की चपेट में आने से बेजुबान पशुओं की लगातार मौत होने का मामला भी चिंता बढ़ा रहा है।

एक ही जगह 8–10 शव… आखिर कैसे?

तानाखार के पास एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों के शव मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या ये सभी मवेशी सड़क हादसों का शिकार हुए हैं? इनकी मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई? मृत पशुओं को समय पर क्यों नहीं हटाया गया? और यदि राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी व्यवस्था मौजूद है, तो इतनी संख्या में मवेशी सड़क तक कैसे पहुंच रहे हैं?

इन सवालों का जवाब जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

निर्देशों के बावजूद जमीनी हालात जस के तस!

आवारा मवेशियों को राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समय-समय पर प्रशासनिक स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद यदि NH-130 पर मवेशियों की ऐसी स्थिति बनी हुई है, तो यह जमीनी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करती है।

ग्रामीणों ने उठाई नियमित पेट्रोलिंग की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमित निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जानी चाहिए। सड़क पर बैठे या घूमते मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ पशु मालिकों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। साथ ही सड़क किनारे पड़े मृत पशुओं के शवों को तत्काल हटाने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि दुर्गंध, संक्रमण और दुर्घटना का खतरा न बढ़े।

 क्या  किसी बड़े हादसे का इंतजार?

तानाखार में एक ही स्थान पर 8–10 मवेशियों के शव मिलना सिर्फ पशु मौत का मामला नहीं, बल्कि NH-130 की सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी माना जा रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

यदि समय रहते राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों की रोकथाम, नियमित निगरानी और मृत पशुओं को हटाने की ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो आज मवेशियों की मौत का यह सिलसिला कल किसी इंसानी जान पर भी भारी पड़ सकता है।

तानाखार की तस्वीरें NH-130 पर सड़क सुरक्षा की जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेते हैं और क्या ठोस कार्रवाई होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!