
न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी)
पोड़ी उपरोड़ा/कोरबा। ग्राम सिरमिना स्थित डौकाबुड़ा डेम को लेकर सामने आई खबर के बाद अब सिंचाई विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के दावों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय स्तर पर अथवा ग्राम पंचायत से जुड़े लोगों द्वारा डेम में जलस्तर सामान्य अथवा कम होने की बात कही जा रही है, लेकिन सामने आए वीडियो में स्थिति इससे अलग नजर आ रही है।
वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बाइक सवार युवक पुल से होकर गुजर रहा है और पुल पर पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि डेम का जलस्तर वास्तव में कम और स्थिति सामान्य है, तो आखिर पुल पर पानी किस वजह से जमा है? क्या बारिश के दौरान इस मार्ग पर हमेशा इसी तरह पानी भरा रहता है, या फिर डेम के पानी का इसका कोई संबंध है?
वीडियो ने बढ़ाई दावों की विश्वसनीयता पर बहस
स्थानीय स्तर पर डौकाबुड़ा डेम की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि जलस्तर सामान्य होने का दावा वास्तविक स्थिति को कितना दर्शाता है।
यदि सड़क पर पानी का भराव सामान्य बारिश की वजह से है, तो संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस सड़क की जल निकासी व्यवस्था क्या है और बारिश के दिनों में राहगीरों के लिए सुरक्षित आवागमन की क्या व्यवस्था की गई है।
सिरमिना की सड़क व्यवस्था पर भी उठे सवाल
मामला केवल डेम के जलस्तर तक सीमित नहीं है। सड़क, पुल पर पानी भरने की स्थिति ने ग्राम सिरमिना की सड़क और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि थोड़ी बारिश अथवा जलस्तर बढ़ने पर सड़क, और पुल के ऊपर पानी जमा हो जाता है, तो ग्रामीणों को आवागमन में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा, इसका अंदाजा वीडियो से लगाया जा सकता है।
संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर डेम, दोनों गेट, जलभराव वाले स्थान और सड़क की स्थिति का संयुक्त निरीक्षण करना चाहिए।
खंडन से पहले मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी जरूरी
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वीडियो में सड़क और पुल के ऊपर पानी साफ दिखाई दे रहा है, तो फिर खबर का खंडन किस आधार पर किया जा रहा है?
अभी भी पानी पुल के ऊपर भरा हुआ है, जहां से लोगों को आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है खासकर स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को उसी मार्ग से होकर स्कूल जाना होता है लेकिन जल स्तर पुल के ऊपर होने कारण बच्चों को भी स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही है क्या संबंधित अधिकारियों, सरपंच, उपसरपंच या ग्रामीण प्रतिनिधियों ने मौके पर जाकर जलस्तर और सड़क और पुल की स्थिति का निरीक्षण किया है?
यदि खबर में लगाए गए आरोप गलत हैं, तो संबंधित विभाग को आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि डेम का वर्तमान जलस्तर कितना है, पुल के ऊपर पानी क्यों जमा है?
और डेम के दोनों गेटों की वास्तविक स्थिति क्या है।
ग्रामीणों को चाहिए जवाब, आरोप-प्रत्यारोप नहीं
डौकाबुड़ा डेम और सिरमिना मार्ग का मामला सीधे ग्रामीणों की सुरक्षा और आवागमन से जुड़ा है। ऐसे में खंडन या आरोप-प्रत्यारोप से ज्यादा जरूरी है कि जिम्मेदार विभाग मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति सामने रखे।
अब सवाल यह है—क्या डौकाबुड़ा डेम में वास्तव में जलस्तर कम है, या फिर सड़क, पुल पर भरा पानी किसी दूसरी वजह से है? क्या सिरमिना की सड़क पर जलभराव सामान्य स्थिति है? और यदि सामान्य है तो आज तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
इन सवालों का जवाब सिंचाई विभाग और ग्राम पंचायत सिरमिना को ग्रामीणों के सामने स्पष्ट करना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।




