
न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी)
कटघोरा/कोरबा। कटघोरा वन मंडल अंतर्गत चैतमा वन परिक्षेत्र के ग्राम तेलसरा सर्किल बरस घट्टी जंगल में सैकड़ों पौधों के कट जाने की बात सामने आने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर पौधों की कटाई हुई है, तो वन विभाग के अधिकारी और मैदानी कर्मचारी आखिर कहां थे?
बताया जा रहा है कि तेलसरा सर्किल क्षेत्र बरस घट्टी जंगल में बड़ी संख्या में पौधे काट दिए गए, लेकिन लंबे समय तक वन विभाग के जिम्मेदार अमले को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। यदि मौके पर वास्तव में सैकड़ों पौधों की कटाई हुई है, तो यह केवल हरियाली को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि वन सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गंभीरता पर भी सवालिया निशान है।
🌳 पौधों की कटाई या वन सुरक्षा में बड़ी चूक?
वन क्षेत्र में पौधों और पेड़ों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाती है। वनरक्षक और अन्य मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी करनी होती है। ऐसे में तेलसरा सर्किल में यदि सैकड़ों पौधे कट गए और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, तो यह जांच का विषय है।
क्या क्षेत्र में नियमित गश्त नहीं होती?
क्या वन अमले द्वारा मौके का निरीक्षण नहीं किया जाता?
क्या पौधों की कटाई की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज है?
और यदि कटाई अवैध है, तो अब तक जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई हुई?
इन सवालों का जवाब वन विभाग से अपेक्षित है।
वन संपदा की सुरक्षा पर ग्रामीणों में चिंता
वन केवल पेड़-पौधों का समूह नहीं, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में पौधों की बड़े पैमाने पर कटाई भविष्य में पर्यावरणीय नुकसान को बढ़ा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में वन क्षेत्र की हरियाली पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
तेलसरा सर्किल में सामने आए इस मामले की मौके पर जांच, कटे हुए पौधों की संख्या का सत्यापन और कटाई के कारणों की पड़ताल बेहद जरूरी है। यदि कटाई नियम विरुद्ध पाई जाती है तो संबंधित लोगों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
आखिर कब तक चलेगी यह निष्क्रियता?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जंगल के अंदर सैकड़ों पौधे कट सकते हैं और विभागीय अमले को इसकी जानकारी तक नहीं हो पाती, तो वन विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
तेलसरा सर्किल की घटना को वन विभाग की निष्क्रियता का जीता-जागता उदाहरण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करता है या फिर मामला भी अन्य शिकायतों की तरह कागजों में सिमटकर रह जाएगा।
News Dastak 24 की मांग है कि वन विभाग के उच्चाधिकारी तत्काल टीम भेजकर स्थल निरीक्षण करें, कटे पौधों की वास्तविक संख्या सामने लाएं और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बड़ा सवाल:
“जब सैकड़ों पौधे कट गए, तो वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?”




