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एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह* *उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल*

 

न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी)

रायपुर, 02 सितंबर/ उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होकर कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का क्षण नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी का भी अवसर है। उन्होंने कहा, “आज युवाओं को जो डिग्रियां मिल रही हैं और कल इससे कहीं अधिक मूल्यवान जिम्मेदारी सौंपी जाएगी- भारत की जनता का स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन।”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2012 में स्थापना के बाद से एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बेहद कम समय में यह संस्थान छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दशकों से चली आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा और वामपंथी उग्रवाद ने विकास में गंभीर बाधाएं खड़ी की। कई दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भय और हिंसा ने सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के विकास को बाधित कर दिया, जिससे समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में दूरी और अभाव का सामना करना पड़ता था।

उपराष्ट्रपति ने अपने उदबोधन में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपने अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के एक नए युग की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया। दशकों से चले आ रहे नक्सली खतरे का अंत हो गया है और जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा के लिए जाना जाता था, उन्हें अब सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, रोड़ कनेक्टिविटी, निवेश और अवसरों के लिए जाना जाने लगा है।

उन्होंने कहा, यह परिवर्तन इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन में कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता हैं।

उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर को नए छत्तीसगढ़ के बेहतरीन प्रतीकों में से एक बताया, जो भय और अभाव के युग से शांति, प्रगति और संभावनाओं के युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उन्नत स्वास्थ्य सेवा और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किए गए पहले किडनी प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और कान प्रत्यारोपण को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उल्लेख किया, जो यह दर्शाती हैं कि इस क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा कितनी तेजी से सुलभ हो रही है। उन्होंने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को प्राप्त करने के लिए संतुलित विकास के महत्व पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह दृष्टिकोण तभी साकार हो सकता है, जब प्रत्येक राज्य, जिला और गांव का विकास हो। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा तक पहुंच विकसित भारत की परिकल्पना का मूल आधार है। उन्होंने पिछले बारह वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा के विस्तार पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 में महिला नामांकन जहां 1.57 करोड़ था, 2023-24 में यह बढ़कर अब 2.24 करोड़ हो गया, जो 42.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में भी 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री मिली है।

स्नातकों को संबोधित करते हुए, उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने युवा स्नातकों से हमेशा दृढ़ता से “नशीली दवाओं को न” कहने और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया, जहां प्रौद्योगिकी सभी नागरिकों तक पहुंचे और प्रत्येक युवा भारतीय एक बेहतर भविष्य की आकांक्षा कर सके। उन्होंने कहा, आपका ज्ञान स्वास्थ्य प्रदान करे, आपका शोध नवाचार लाए और आपकी सेवा प्रेरणा दे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्स रायपुर को नैदानिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक नवाचार, जन स्वास्थ्य और करुणापूर्ण सेवा में निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ का रूपांतरण 2047 तक विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा। उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धैर्य, करुणा और गहरी जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और एक चिकित्सक की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के साथ किए जाने वाले व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी निर्धारित होती है। उन्होंने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सफल एवं संतोषप्रद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल ने कहा कि नव-स्नातक चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, नवाचार को प्रोत्साहित करने और चिकित्सा अनुसंधान में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों, विशिष्ट चिकित्सकीय सेवाओं और अनुसंधान पहलों के माध्यम से संस्थान क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एम्स रायपुर की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह संस्थान के प्राध्यापकों, चिकित्सा विशेषज्ञों तथा पूरी टीम की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान आधारित सोच को अपनाने तथा समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का आग्रह किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी और आयुष्मान भारत, PM-JAY ABHA और e-Sanjeevani जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए युवा डॉक्टरों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्मृातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और पेशेवर कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्रों का वितरण रहा। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 16 पुरस्कार भी प्रदान किए गए। यह अवसर विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे एम्स रायपुर परिवार के लिए गर्व और खुशी का क्षण रहा।

समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित और एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह में ‘नषे को ना कह’ें की षपथ भी दिलाई गई।

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