
न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी )
पोड़ी उपरोड़ा/सैला। ग्राम पंचायत सैला के देवराज पारा में बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। देवराज पारा में विद्युत आपूर्ति के लिए लगा पुराना ट्रांसफार्मर खराब हो जाने के कारण ग्रामीणों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीणों ने नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया गया है। आवेदन में देवराज पारा की विद्युत व्यवस्था को सुचारू करने के लिए नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
पुराना ट्रांसफार्मर खराब, बिजली व्यवस्था प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार देवराज पारा में लगा पुराना ट्रांसफार्मर अब खराब हो चुका है। ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति प्रभावित है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली की समस्या का असर घरेलू कार्यों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली व्यवस्था प्रभावित रहने से लोगों में परेशानी और
नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों ने की नए ट्रांसफार्मर की मांग
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि खराब हो चुके पुराने ट्रांसफार्मर के स्थान पर तत्काल नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, ताकि देवराज पारा में बिजली आपूर्ति दोबारा सुचारू हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर परेशानी और बढ़ सकती है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
पसान सबस्टेशन से जुड़ी विद्युत व्यवस्था
देवराज पारा की विद्युत व्यवस्था पसान सबस्टेशन से संबंधित है। ऐसे में ग्रामीणों ने संबंधित विद्युत अधिकारियों से अपील की है कि मौके की स्थिति का निरीक्षण कर खराब ट्रांसफार्मर को बदलने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग उनकी समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराएगा और बिजली आपूर्ति बहाल होगी।
ग्रामीणों का सीधा सवाल—आखिर कब बदलेगा खराब ट्रांसफार्मर?
देवराज पारा के ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है कि खराब पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि गांव में विद्युत व्यवस्था सामान्य हो सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि पसान सबस्टेशन एवं संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की इस मांग पर कब तक कार्रवाई करते हैं।




