
न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी)
कोरबा// विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत खिर्टी के पन्ड्राआमा गांव में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। गांव के नौनिहाल आज भी जर्जर और असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर बताए जा रहे हैं। भवन की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को आशंका है कि कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार, बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन यह भवन लगभग एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। आरोप है कि तत्कालीन सचिव राजेश कुमार नायक के द्वारा स्कूल भवन का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद निर्माण कार्य अधर में लटक गया।
स्थानांतरण के बाद कौन लेगा अधूरे भवन की जिम्मेदारी?
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि स्कूल भवन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बच्चों को जर्जर भवन से राहत मिल जाएगी। लेकिन समय बीतने के बावजूद अधूरा भवन पूरा नहीं हो सका।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण कार्य आखिर किसकी जिम्मेदारी है और इसे कब पूरा किया जाएगा? यदि निर्माण कार्य शुरू कराया गया था तो उसके अधूरा रहने की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही है? आखिर ग्राम पंचायत सरपंच राजेश नायक सचिव पर इतनी मेहरबान क्यों है?
“आज-कल काम शुरू हो जाएगा”—लेकिन इंतजार कब तक?
इस मामले में पूर्व सरपंच एवं वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि जय सिंह से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि सचिव राजेश नायक द्वारा लगातार यह कहा जा रहा है कि “आज-कल में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।”
लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि यह “आज-कल” आखिर कब आएगा? सालभर से अधूरे पड़े स्कूल भवन का निर्माण पूरा करने के लिए आखिर ठोस पहल कब होगी?
जर्जर भवन में पढ़ाई, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
पंड्राआमा गांव में वर्तमान में बच्चों को जिस जर्जर भवन में शिक्षा दी जा रही है, उसकी स्थिति को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। बारिश के मौसम में यह चिंता और भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समय कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए भवन की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और अधूरे स्कूल भवन का निर्माण शीघ्र पूरा कर बच्चों को सुरक्षित विद्यालय उपलब्ध कराया जाए।
स्कूल भवन के साथ सड़क की समस्या भी गंभीर
पंड्रामा के ग्रामीण केवल स्कूल भवन की समस्या से ही परेशान नहीं हैं, बल्कि बारिश के दिनों में आवागमन की गंभीर समस्या भी सामने आती है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति खराब होने से गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो जाए, तो एम्बुलेंस या अन्य आपातकालीन वाहन को गांव तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है। ऐसे में ग्रामीणों ने आवागमन की व्यवस्था को भी जल्द सुधारने की मांग की है।
बड़ा सवाल—कब मिलेगी बच्चों को सुरक्षित शिक्षा?
सालभर से अधूरा स्कूल भवन, जर्जर भवन में पढ़ते बच्चे और बारिश में आवागमन की परेशानी—ये हालात विकास कार्यों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
आखिर पंड्राआमा गांव के बच्चों को कब तक जर्जर भवन में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा? अधूरे स्कूल भवन का निर्माण कब पूरा होगा? क्या पूर्व सचिव राजेश नायक के पास इसका जवाब है,
या फिर ग्राम पंचायत खिरटी और संबंधित विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम उठाएंगे?
ग्रामीणों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अधूरे भवन का निर्माण पूरा होने और सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था की दरकार है।




