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कोरबाछत्तीसगढ़

पोड़ी उपरोड़ा समीक्षा बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य और बिजली व्यवस्था पर मंथन… अब सवाल—क्या जमीनी हकीकत भी बदलेगी? एसडीएम मनोज बंजारे ने अधिकारियों से ली व्यवस्थाओं की जानकारी, दिए समयबद्ध सुधार के निर्देश; पोड़ी उपरोड़ा की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों की निगाहें अब कार्रवाई पर

 

 

न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी) 

कोरबा, 19 अगस्त 2026।

विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा में शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, विद्युत एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम श्री मनोज बंजारे ने की। बैठक में बीईओ, बीएमओ, विद्युत विभाग, खाद्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं, विभागीय कार्यों की प्रगति और आम जनता को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। एसडीएम ने अधिकारियों को मैदानी स्तर पर निरीक्षण करने और समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लेकिन इस समीक्षा बैठक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब पोड़ी उपरोड़ा की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था वास्तव में पटरी पर लौट पाएगी?

शिक्षा व्यवस्था पर उठते रहे हैं सवाल

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के कई ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्कूलों की व्यवस्था को लेकर समय-समय पर सवाल सामने आते रहे हैं। कहीं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर शिकायतें सामने आती हैं, तो कहीं विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है।

समीक्षा बैठक में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, पेयजल, शौचालय, विद्युत, भवन एवं पहुंच मार्ग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी ली गई।

मध्यान्ह भोजन को निर्धारित मीनू के अनुसार उपलब्ध कराने, खाद्यान्न एवं चावल के समय पर उठाव तथा रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

लेकिन अब देखना यह होगा कि बैठक में दिए गए निर्देश फाइलों और बैठकों तक सीमित रहते हैं या वास्तव में स्कूलों की जमीनी व्यवस्था में बदलाव दिखाई देता है।

स्वास्थ्य व्यवस्था भी बनी चिंता का विषय

पोड़ी उपरोड़ा जैसे बड़े एवं भौगोलिक रूप से दूरस्थ विकासखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र ही आम नागरिकों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का सबसे महत्वपूर्ण सहारा हैं।

बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं और नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई तथा दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

वहीं, रावा उप स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पूर्व में सामने आती रही शिकायतें और RHO स्तर पर लापरवाही के आरोप भी स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे हैं। यदि ऐसी शिकायतें सामने आती हैं तो ग्रामीणों का सवाल स्वाभाविक है कि निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी?

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी और जवाबदेही तय किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

बिजली व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीण परेशान

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के कई गांवों में बिजली की समस्या भी लंबे समय से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनती रही है। आए दिन बिजली बाधित होने, वोल्टेज एवं आपूर्ति से संबंधित समस्याओं की शिकायतें सामने आती हैं।

समीक्षा बैठक में शासकीय संस्थानों में विद्युत व्यवस्था के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में उपलब्ध सोलर सिस्टम की कार्यशीलता और रखरखाव की भी समीक्षा की गई।

अब जरूरत इस बात की है कि विद्युत विभाग केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित न रहकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का भी गंभीरता से समाधान करे।

खाद्य व्यवस्था पर भी प्रशासन की नजर

बैठक में खाद्य विभाग से संबंधित खाद्यान्न के उठाव और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। एसडीएम ने पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था सीधे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी हुई है। इसलिए इसमें पारदर्शिता और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।

बैठक के निर्देशों की होगी असली परीक्षा मैदानी स्तर पर

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण करने और सामने आने वाली समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसे में अब पोड़ी उपरोड़ा के ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि बैठक के निर्देशों का कितना असर जमीन पर दिखाई देता है।

क्या स्कूलों में शिक्षक समय पर पहुंचेंगे?

क्या विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण और मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी?

क्या स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही तय होगी?

क्या ग्रामीणों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी?

क्या गांवों में बिजली की समस्या दूर होगी?

और क्या सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी होगी?

समीक्षा बैठक निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहल है, लेकिन इसकी सफलता का पैमाना बैठक में दिए गए निर्देश नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में दिखाई देने वाला जमीनी बदलाव होगा।

अब पोड़ी उपरोड़ा की जनता को उम्मीद है कि प्रशासन की समीक्षा के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और मूलभूत सुविधाओं में वास्तविक सुधार दिखाई देगा और लापरवाही की शिकायतों पर केवल समीक्षा नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर ठोस कार्रवाई भी होगी।

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