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कोरबाछत्तीसगढ़

कोरबा : शिक्षक दिवस पर कलेक्टर कुणाल दुदावत बने शिक्षक, विद्यार्थियों को पढ़ाया मेहनत और अनुशासन का पाठ* *अनुपस्थित 8 शिक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश*

 

 

न्यूज दस्तक 24 (एजेंसी)

कोरबा, 05 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय, समर्पण और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का महत्व बताया। कलेक्टर ने कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के बीच बैठकर उन्हें सफलता का मंत्र दिया और कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा लौटकर नहीं आता। यही समय है जब पूरी मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए विद्यार्थियों को पूरी ईमानदारी और मेहनत से पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अभी मेहनत कर सफलता हासिल कर ली, तो जीवन में कभी पछतावा नहीं होगा। विद्यार्थी के भीतर अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय, लक्ष्य पर नजर और समर्पण जैसे गुण सफलता की नींव होते हैं।

*कक्षा में जाकर विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद*

कलेक्टर ने विद्यालय की कक्षा आठवीं, नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों से कक्षा में जाकर वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ भोजन, आवासीय व्यवस्था, पानी और अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
कक्षा 12वीं साइंस के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कलेक्टर ने उन्हें फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए। विद्यार्थियों द्वारा निर्धारित समय में सवाल हल नहीं कर पाने पर उन्होंने संबंधित शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षक उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन करते हैं। विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों की बात माननी चाहिए और यदि उन्हें पढ़ाई में किसी विषय को लेकर कठिनाई हो तो शिक्षक से अपनी शंका का समाधान कराना चाहिए। यह सोचकर कि शिक्षक उन्हें ठीक से नहीं पढ़ा रहे हैं और उनकी बात नहीं मानना अपने भविष्य को नुकसान पहुंचाना है।

*पानी की समस्या जल्द होगी दूर*

विद्यार्थियों ने कलेक्टर के समक्ष विद्यालय में पानी की समस्या सहित अन्य छोटी-छोटी समस्याओं की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर नीचे होने के कारण बोर असफल हो गए हैं। विद्यार्थियों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है और जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को विद्यालय की अन्य छोटी-छोटी समस्याओं का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन और आवासीय व्यवस्था की भी जानकारी लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

*अनुपस्थित शिक्षकों पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी*
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर श्री दुदावत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राचार्य को सख्त हिदायत दी। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत कसेर को अनुपस्थित पाए गए आठ शिक्षकों—पीजीटी/टीजीटी शिक्षक दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा एवं अशोक—को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

*नीट-जेईई की आवासीय कोचिंग और उच्च शिक्षा में जिला प्रशासन करेगा मदद*

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक अवसरों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं और नीट अथवा जेईई की तैयारी के लिए कोचिंग लेना चाहते हैं, उनके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा के लिए देश के किसी भी सरकारी कॉलेज या महत्वपूर्ण संस्थान में चयन होने पर, अथवा डॉक्टर-इंजीनियरिंग जैसी व्यावसायिक शिक्षा के लिए शुल्क की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन द्वारा संबंधित संस्था को आवश्यक शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे अंक प्राप्त कर बेहतर संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर ने बताया कि अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को देश के महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए मन लगाकर पढ़ाई करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

*मोबाइल से दूरी बनाकर पढ़ाई पर दें पूरा ध्यान*

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अभी विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता है। मोबाइल की लत अध्ययन के स्तर और एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है। विद्यालय में मोबाइल लाना अनुशासन के अनुरूप नहीं है। यदि किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल है, तो उसे तत्काल जमा करा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम या किसी विषय को लेकर कठिनाई होने पर मोबाइल का सहारा लेने के बजाय शिक्षक से अपनी शंकाओं का समाधान कराएं। शाम के समय होने वाली कक्षाओं में भी शिक्षक से अपनी शंकाएं पूछें और विषय को बेहतर ढंग से समझें।

*समस्या हो तो सीधे बताएं, जिला प्रशासन करेगा समाधान*

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला प्रशासन हमेशा तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि वे यह नंबर अपने माता-पिता को भी दें। जब माता-पिता विद्यालय आएं तो उन्हें अपनी समस्याओं के बारे में बताएं और आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएं।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी कहा कि विद्यालय में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सबसे पहले अपने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को अवगत कराएं, ताकि उसका तत्काल समाधान किया जा सके।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपका लक्ष्य जितना बड़ा होगा, आपकी मेहनत भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए। आज की मेहनत ही आपके कल का भविष्य तय करेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री श्रीकांत कसेर सहित विद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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